इंदौर रेल प्रोजेक्टों को ‘गति’ देने के लिए 1325 करोड़:महू-खंडवा छोटी लाइन को बड़ी करने के लिए 700 करोड़

रेल बजट में रतलाम मंडल के प्रोजेक्ट के लिए इस बार भी अच्छा फंड मिला है। मंडल को नई लाइन, दोहरीकरण, गेज परिवर्तन, यार्ड निर्माण जैसे कार्यों के लिए 2281 करोड़ रुपए मिले हैं। इंदौर से जुड़े रेलवे प्रोजेक्ट के लिए भी अच्छी खासी राशि मिली है। इंदौर-दाहोद, इंदौर-उज्जैन दोहरीकरण और महू-खंडवा-अकोला ब्रॉडगेज के लिए पिछले बजट में 1353 करोड़ मिले थे। इस बार इन तीनों प्रोजेक्ट के लिए 1325 करोड़ की राशि मिली है। आइये जानते हाँ किस प्रोजेक्ट के लिए कितनी राशि मिली है।


किस प्रोजेक्ट के लिए इतनी राशी:

इंदौर-दाहोद रेल लाईन-440 करोड़
इस बार बजट में इस बहुप्रतीक्षित रेलवे लाइन के लिए 440 करोड़ रुपए की राशि मिली है। पिछले साल इसके लिए 265 करोड़ की राशि मिली थी। यह प्रोजेक्ट पूरा हाेने पर इंदौर से दाहोद की दूरी 205 किलोमीटर हो जाएगी।

छोटा उदयपुर-धार रेल लाईन-355 करोड़
इस रेल लाईन के लिए इस बार 355 करोड़ की राशि मिली है। पिछले साल इस रेल लाइन के लिए 100 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई थी। यह लाइन पूरी होने पर इंदौर से गुजरात का सीधा कनेक्शन हो जाएगा। लंबे समय से यह मार्ग रेल विहीन है। इससे गुजरात के पोर्ट से सीधे जुड़ जाएंगे।

महू खंडवा अकोला रेल लाईन-700 करोड़
सालों से लंबित चल रहे इस रेल प्रोजेक्ट में गेज परिवर्तन होना है। इस साल रेल बजट में 700 करोड़ की राशि प्रोजेक्ट को दी है। पिछले साल 888 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए थे। खंडवा से सनावद के बीच में काम पूरा हो चुका है। महू से सनावद के बीच में मुख्य रूप से काम होना है। लेकिन सालों से सर्वे ही चल रहा है। मीटर गेज की लाइन को इसी साल एक फरवरी से बंद कर दिया गया है। उम्मीद है इस साल काम शुरू हो जाएगा और आने वाले करीब तीन सालों के अंदर ट्रेन पटरी पर दौड़ने लगेगी।

इंदौर-उज्जैन दोहरीकरण-185 करोड़
इंदौर-देवास-उज्जैन के बीच 79.23 किलोमीटर रेलवे लाईन के दोहरीकरण के लिए इस साल 185 करोड़ की राशि दी गई है। इस रेल लाईन में वर्तमान में 140 प्रतिशत का लोड है। इसे ही कम करने के लिए दोहरीकरण किया जाना है। उज्जैन से देवास के बीच में काम हो गया है। यह काम पूरा होने पर वर्तमान ट्रेन टाइम पर चलेगी, नई रेल चलने की संभावना बढ़ जाएगी। काम एक साल देरी से चल रहा है।

इंदौर-मनमाड़ के लिए 2 करोड़
इंदौर से महाराष्ट्र को सीधे जोड़ने वाली इस रेल परियोजना का काम धीमी गति से चल रहा है। इस बार इसे 2 करोड़ रुपए मिले है। पिछले साल रेलवे ने केवल खाता शुरू रखने के लिए 1 हजार रुपए की राशि दी थी।

इंदौर-बुधनी के लिए 514 करोड़
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृहनगर बुधनी के लिए रेल लाईन की मांग लंबे समय से हो रही है। इस प्रोजेक्ट के लिए भी पिछले साल केवल 1 हजार रुपये की राशि दी गई थी। इस बार 514 करोड़ रुपए बजट में मिले हैं। अब उम्मीद की जा रही है जल्द ही इस प्रोजेक्ट का काम गति पकड़ेगा।

कम पैसा मिला लेकिन काम करने के लिए पर्याप्त
रेलवे पैसेंजर बोर्ड एमिनिटिज कमेटी के पूर्व सदस्य और रेलवे विशेषज्ञ नागेश नामजोशी ने बताया कि बजट काफी बढिया है। हम इसमें कमी नहीं निकाल सकते है। पिछले साल की तुलना में कम पैसा मिला है लेकिन काम करने के लिए पर्याप्त है। अब मजबूत इच्छाशक्ति दिखाते हुए अफसरों को काम करके दिखाना होगा। इंदौर-उज्जैन दोहरीकरण का काम इस साल तक पूरा हो सकता है, धार छोटा उदयपुर परियोजना में जोबट तक काम पूरा हो जाएगा। महू सनावद के लिए अफसरों को आगे बढ़ना होगा। वहीं इंदौर-मनमाड के लिए दो करोड़ रुपए से नई डीपीआर बनेगी।

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