ओमप्रकाश कसेरा
जावद स्थानीय रूपारेल
पेट्रोल पंप चौराहा से शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान यानी आईटीआई एवं उससे आगे छात्रावास तक सीसी सड़क का निर्माण कार्य किया जाना था
परंतु निजी लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा सीसी सड़क का निर्माण कार्य खेतों के पास कच्चे रास्ते पर करवा दिया गया जिससे निजी भूमि
के मालिक एवं खेतों पर पहुंचने वाले लोगों को शासन के द्वारा बनाई गई सड़क से सीधे तौर पर फायदा मिलेगा,
आईटीआई औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना दिग्विजय सिंह सरकार के कार्यकाल में
हुई थी और इसका लोकार्पण दिनांक 24 जुलाई 2001 को तत्कालीन परिवार एवं कल्याण मंत्री सुभाष सोजतिया,उद्योग एवं तकनीकी शिक्षा जनशक्ति नियोजन मंत्री नरेंद्र नाहटा,के द्वारा सामान्य प्रशासन मंत्री घनश्याम पाटीदार एवं तत्कालीन नगर पंचायत अध्यक्ष मांगीलाल हकवाडिया की उपस्थिति में किया गया,
और यहां पर अध्यनरत छात्र-छात्राएं देश के नामी उद्योगों में कार्य करने के साथ क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं, इस संस्थान की दूरी
स्थानीय रूपारेल पेट्रोल पंप चौराहा से आधा किलोमीटर भी नहीं है
और संस्थान की स्थापना के बाद लगभग 24 वर्ष बीत रहे हैं बीते वर्षों में संस्थान में अध्ययन करने वाले छात्र एवं -छात्राओं सहित इस मार्ग से निकलने वाले किसानो एवं आईटीआई के आसपास निवासरत रह वासियों को बारिश के दिनों में कीचड़ भरे रास्ते से होकर निकलना पड़ रहा था,एवं अन्य दिनों में वाहनों के आवागमन के कारण धूल के गुबार उड़ रहे थे इसके बावजूद इसी मार्ग से होकर विद्यार्थी एवं अन्य लोगों का आना-जाना लगा रहता था,
2.42 लाख रुपए की लागत से प्लान योजना के अंतर्गत पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा पेट्रोल पंप चौराहा के पास मुख्य सड़क से आईटीआई से कुछ दूरी पर स्थित छात्रावास तक
लगभग एक से डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर सीसी सड़क का निर्माण करवाया जाना है पिछले महीने इस मार्ग पर सड़क निर्माण कार्य करवाए जाने से पहले
गिट्टी पत्थर आदि का भराव करवाया गया,
इस दौरान यह सड़क निर्माण कार्य सुर्ख़ियों मे
रहा क्योंकि सड़क निर्माण कार्य आईटीआई एवं छात्रावास तक किया जाना था परंतु निजी भूमि मालिक एवं किसी के गोडाउन के पास से होकर इस सड़क निर्माण कार्य को बायपास बनाए जाने के नाम पर बस स्टैंड के समीप रावला कुआ हनुमान मंदिर जाने वाले मार्ग की ओर बनाए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया फिलहाल यह सड़क निर्माण कार्य रावला कुआं हनुमान मंदिर के मार्ग से कुछ दूरी पर खेतों के पास किया गया है, और आगामी दिनों में
इस सड़क निर्माण कार्य को रावला कुआं जाने वाली मुख्य सड़क से जोड़ा जाएगा, जिसका कोई मतलब नहीं है इस मार्ग से होकर आईटीआई की ओर पहुंचना हास्यास्पद है
शासन की योजना से अपनों को फायदा पहुंचाने के लिए आईटीआई से आगे जानबूझकर इस सड़क का निर्माण कार्य करवाया,
बायपास के नाम पर योजना पास,
आईटीआई के आसपास रहने वाले रहवासी एवं किसान बस स्टैंड पहुंचने के लिए आईटीआई के सामने से होकर रूपारेल पेट्रोल पंप चौराहा होते हुए स्टेशन रोड के प्रमुख सड़क मार्ग से बस स्टैंड पहुंचते हैं,और वर्षों से यही मार्ग सुलभ होकर सीधा है,क्योंकि आईटीआई से आगे खेतों के पास होकर घुमावदार रास्ते से
बस स्टैंड पहुंचना एक प्रकार से हास्य पद है
इस मार्ग से होकर पहुंचने में समय अधिक लगने के साथ दुर्घटना की आशंका बनी रहती है क्योंकि रास्ता घुमावदार होने के साथ
खेतों के पास से होकर निकाला गया है, और इस रास्ते का उपयोग बहुत कम लोग करते हैं
इसके बावजूद बायपास के नाम पर खेतों के पास से होकर सीसी सड़क का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है, जबकि पहले सीसी सड़क का निर्माण कार्य
आईटीआई पहुंचने वाले विद्यार्थियों के लिए होना चाहिए,परंतु पहले सीसी सड़क का निर्माण कार्य खेतों के पास किया गया,क्योंकि विद्यार्थियों को भले ही पथरीले रास्ते से होकर आईटीआई पहुंचना हो
परंतु खेतों में पहुंचने के लिए अपनों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होना चाहिए,
बिजली का खंबा मुख्य सड़क के बीच,
खेतों में पहुंचने के लिए
अपनों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो,
इसका पूरा-पूरा ध्यान रखा गया परंतु हालत देखिए खेतों के पास सड़क निर्माण कार्य करवाए जाने के दौरान
बीच सड़क से बिजली का खंबा भी नहीं हटाया गया,इसे कहते हैं हास्यास्पद सड़क निर्माण कार्य के साथ
हास्यास्पद जिम्मेदार लोग जब रात के समय
किसी किसान या आम नागरिक द्वारा इस सड़क निर्माण कार्य का उपयोग किया जाएगा उस समय
किसी के साथ दुर्घटना होती है तो उसका जवाब कौन होगा पीडब्ल्यूडी विभाग या सड़क का निर्माण कार्य करवाने वाले हास्यपद लोग
अगर सड़क निर्माण कार्य के दौरान सड़क निर्माण कार्य का मटेरियल अन्य जगह उपयोग में लिया जाना था तो आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के घरों के बाहर भी इस बचे हुए मटेरियल से सड़क निर्माण कार्य किया जा सकता था,परंतु यहां तो अपनों का फायदा पहुंचाना है इसलिए जहां पर अपनों की चिंता हो वहां पर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की चिंता कौन करेगा,
पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी (एसडीओ)
अशोक पनिका से इस संबंध में जानकारी प्राप्त की गई, जिस पर उन्होंने कहा नियम के अनुसार सड़क का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है और इसके अधिक जानकारी हमारे संबंधित अधिकारी से प्राप्त कर सकते हैं,
पीडब्ल्यूडी विभाग जिला नीमच के एसडीओ सूरज जानिए
को इस संबंध में अवगत कराया, उन्होंने कहा वह मामले की जानकारी प्राप्त करेंगे,
विद्युत मंडल के उप यंत्री
शशिकांत मैडा से इस संबंध में सवाल किया गया की आईटीआई से आगे पिछले दिनों सीसी सड़क का निर्माण कार्य करवाया गया है बीच सड़क में विद्युत पोल होने से दुर्घटना हो सकती है विद्युत पोल
हटाए जाने का कार्य किसके द्वारा करवाया जाएगा, उन्होंने कहा
हमारे द्वारा एस्टीमेट पीडब्ल्यूडी विभाग को भेज दिया है उन्हीं के द्वारा बीच रास्ते एवं आसपास के विद्युत
हटाए जाएंगे जिससे दुर्घटना की आशंका नहीं हो।