37 करोड़ रुपए के सीएम राइज स्कूल की छत पहली बारिश मेंहो रही है, लीकेज

ओमप्रकाश कसेरा
जावद मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश स्तर पर
शासकीय स्कूलो को आधुनिक एवं सुविधा युक्त बनाने के लिए
एक शानदार प्रयास करते हुए सीएम राइज स्कूल का निर्माण करवाया परंतु यहां पर पहली बारिश में ही स्कूल के निर्माण कार्य की पोल खुल गई,और स्कूल भवन के तीसरे फ्लोर पर स्थित कमरों की छतो से कहीं पानी टपक रहा है तो कहीं निर्माण कार्य के जॉइंट से लीकेज हो रहा है,

स्थानीय बस स्टैंड के पास जहां पर पहले
हाई सेकेंडरी स्कूल मैदान हुआ करता था
वहीं पर सीएम राइज स्कूल का निर्माण कार्य
3 वर्ष पहले 14 जनवरी 2022 को प्रारंभ हुआ जिसमें करीब 98 कमरे और तीन से चार हाल का निर्माण कार्य लगभग 3 वर्ष के अंतराल में पूरा होने के बाद यहां पर प्रातः 10 15 से शाम 5:15 तक कक्षा के,जी, से कक्षा 12वीं तक के लगभग 1200 छात्र-एवं छात्राएं पढ़ाई कर रही है
छात्रों के बैठने की सुविधा को ध्यान में रखकर प्रत्येक कक्षा के लिए तीन-तीन कमरों का निर्माण कार्य करवाया गया है,इसके साथ ही स्कूल भवन के अंदर लाइब्रेरी,लैबोरेट्री,
मीटिंग हॉल,डांस रूम
आदि मौजूद होने के साथ प्रदेश सरकार द्वारा बच्चों के खेलने के लिए उच्चतम क्वालिटी के खिलौने खेल मैदान के अंदर फिटिंग करवाए गए हैं और फर्नीचर भी सरकार द्वारा उपलब्ध करवाया गया यानी प्रदेश सरकार ने अपनी ओर से स्कूल निर्माण के दौरान सार्थक प्रयास किए परंतु निर्माण कार्य की पोल हल्की बारिश में ही खुल गई, अगर झमाझम बारिश का दौर
प्रारंभ हो जाए तो स्कूल के अंदर पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को अपनी कक्षा के अंदर पानी टपकने से झरने गिरने जैसा एहसास हो सकता है,

शिवराज सरकार के कार्यकाल में एक्सीलेंस और मॉडल स्कूल के बाद सीएम राइज स्कूल निर्माण कार्य की योजना
प्रारंभ की गई,और उस समय प्रदेश सरकार ने शिक्षा विभाग के तहत 9200 विद्यालय को सीएम राइज स्कूल के रूप में चिन्हित कर इन्हें निजी स्कूलों की तर्ज पर सर्व सुविधा युक्त स्कूल बनाने का लक्ष्य रखा गया, जिसके अनुसार प्रथम चरण में 259 शिक्षा विभाग द्वारा एवं 96 स्कूल आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा खोले जाने का निर्णय लिया गया था, इसके बाद मोहन सरकार ने इस कार्य को आगे बढ़ते हुए लगभग 100 सीएम राइज स्कूल का निर्माण कार्य पूरा करवाया,परंतु
प्रदेश सरकार को यह ज्ञात नहीं होगा कि उनकी योजनाओं पर किस प्रकार पलीता लगाया जा रहा है,
स्कूल निर्माण कार्य के दौरान किसको कितना कमीशन प्राप्त हुआ होगा यह एक जांच का विषय हो सकता है,
लेकिन शिवराज सरकार की योजना के अंतर्गत बनाए गए स्कूल के अंदर पढ़ने वाले बच्चों को पहली बारिश में ही छत से झरने गिरने का एहसास हो रहा है,और इसके साथ ही कहीं पर बूंदें टपक रही है तो कहीं बच्चों की पुस्तक के पानी में गीली हो गई,
क्योंकि अभी देश में विकसित भारत का अमृत काल चल रहा है
जहां पर कही बड़े पुल गिर जाते हैं,तो कहीं पर एयरपोर्ट की छत लीकेज हो जाती है
जब उनके लिए कोई जवाबदारी नहीं है तो यहां पर स्कूल की छत लीकेज होने पर कौन जिम्मेदार होगा इसकी संभावना फिलहाल नहीं है, क्योंकि स्कूल भवन में एक स्थान पर लीकेज नहीं होकर छोटे बड़े 8 स्थानो पर लीकेज हैं,


ऐसे खुली पोल
गुरुवार को शाम 5:15 पर स्कूल के बच्चों की छुट्टी हुई उस समय कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्षों तरुण बाहेती के आगमन को लेकर इंदिरा कंपलेक्स के सामने कांग्रेस पार्टी कार्यकर्ता द्वारा स्वागत की तैयारी की जा रही थी इसी बीच स्कूल से निकले कुछ परिचित बच्चों ने हमारे संवाददाता को बताया की अंकल आज हमारे स्कूल के कमरे में छत से पानी टपक रहा था, इसके बाद हमारे संवाददाता ने बच्चों से कहा कल शुक्रवार को वह आपके स्कूल में आकर पूरी जानकारी प्राप्त करेंगे,और कल दोपहर के समय इस मामले की जानकारी प्राप्त की गई जिसमें यह सामने आया कि स्कूल के अंदर प्रवेश करते समय मुख्य द्वार से कुछ दूरी पर मिडिल स्कूल ब्लॉक हाल के अंदर से ऊपर चढ़ते समय सीढ़ियां,ऊपर गलियारा
एवं तीसरे फ्लोर पर कमरों के अंदर यहां तक की बाथरूम एवं सुविधा घर कि छते भी लीकेज हो रही है, जबकि वर्ष 1959 यानी 85 वर्ष पहले बनाए गए मिडिल स्कूल क्रमांक एक के भवन की छत इस प्रकार लीकेज नहीं हुई उस समय पत्थर और चूने से
बेहतरीन निर्माण कार्य किए गए, जो 80 वर्ष तक लीकेज नहीं हुए
और यहां पर निर्माण कार्य पूरा होने के 4 महीने बाद ही पहली बारिश में गुणवत्ता की पोल खुल गई,जबकि स्कूल की शुरुआत निर्माण कार्य लागत 33 करोड़ रुपए तय की गई थी, बजट बढ़ते हुए 37.11 करोड रुपए पहुंच गया इसके बावजूद निर्माण कार्य की पोल खुल रही है,

मुख्यमंत्री मोहन यादव के द्वारा इसी वर्ष 4 महीने पहले 20 अप्रैल 2025 को सीएम राइज
अर्थात संदीपनी स्कूल का लोकार्पण किया गया वहां पर लगे शिलालेख के अनुसार 37.11 करोड़ रुपए की लागत से बनाए गए इस स्कूल के लोकार्पण के अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा,सांसद सुधीर गुप्ता,राज्यसभा सदस्य बंशीलाल गुर्जर, नीमच के विधायक दिलीप सिंह परिहार मनासा विधायक
माधव मारू, जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जन सिंह चौहान आदि उपस्थित रहे,

सीएम राइज स्कूल
के प्रिंसिपल बालकृष्ण कुमावत से इस विषय में चर्चा की गई,उन्होंने कहा
स्कूल भवन के ऊपर छतो के पाइप जाम हो रहे होंगे, इसलिए स्कूल के कमरों की छत लीकेज हो रही है, छतो के पाइप से जाम हटा दिया जाएगा, और जहां लीकेज है वहां पर रिपेयरिंग के लिए संबंधित ठेकेदार को अवगत करा दिया गया है, रिपेयरिंग का कार्य
ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा किया जाएगा,

जिला शिक्षा अधिकारी
सुजान मल मांगरिया को इस संबंध में अवगत कराया गया, जिस पर उन्होंने कहा स्कूल के प्रिंसिपल से चर्चा करने के बाद ही अपनी ओर से जानकारी दे सकते हैं,

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