उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ता जा रहा नीमच जिला? जिम्मेदार कौन?

डाक्टर सम्पत स्वरूप जाजू पूर्व विधायक नीमच ने एक बयान में नीमच की स्वामी विवेकानंद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्रगति के विकास को लेकर कहा कि क्या नीमच में उन्नयन किए गए पी एम कालेज ऑफ़ एक्सीलेंसी का लाभ प्रतिभावान विद्यार्थियों को केवल आंशिक रूप से मिल पा रहा है !
 डाक्टर जाजू ने 
 प्रश्न पूछा कि क्या जिम्मेदार लोगो ने है अपना दायित्व और कर्तव्य समय रहते निर्वहन किया ?
डाक्टर जाजू ने कहा कि नीमच का विवेकानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्थापना से लेकर वर्तमान समय में विस्तारित पी एम कालेज ऑफ़ एक्सीलेंस का एक स्वर्णिम इतिहास रहा हैं !
नीमच का शासकीय महाविद्यालय साठ के दशक में मध्यप्रदेश में कांग्रेस शासन के समय तहसील स्तर पर लीक से हट कर नीमच को पात्रता नहीं होते हुए भी तत्कालीन जन प्रतिनिधियों ने स्वीकृत करवाया था ! नीमच के शासकीय महाविद्यालय से शिक्षा ग्रहण कर कई छात्रो ने हर क्षेत्र में डंका बजाया यहाँ के छात्र राजनीति में केंद्र में सांसद मंत्री बने तो प्रदेश की विधानसभा में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई ! 
विभिन्न क्षेत्र में विभिन्न स्ट्रीम के विषयों का अध्यन कर नीमच महाविद्यालय के छात्रो ने अपनी प्रतिभा बता कर नीमच का नाम रोशन किया है चाहे वह चिकित्सा का क्षेत्र हो या इंजीनियरिंग का या चार्टेड अकाउण्टेंट का या प्रशासनिक क्षेत्र का हो या देश की आंतरिक सुरक्षा या सेना का हो या शिक्षा का !
नीमच के विवेकानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय को विगत वर्ष पी एम कालेज ऑफ़ एक्सीलेंसी के रूप में चुन कर उन्नयन किया गया था लेकिन दुर्भाग्य है कि उसका लाभ जिस तरह से नीमच जिले को मिलना चाहिए था वह अभी तक एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी नहीं मिल पाया !
डाक्टर जाजू ने कहा कि एक वर्ष बाद भी कालेज को घोषित दो करोड़ की राशि विकास के लिए नहीं मिल पाई वही विभिन्न स्ट्रीम के पाठ्यक्रमों जिसमे व्यावसायिक पाठ्यक्रम भी है शिक्षकों की कमी और अन्य कारनो से प्रारंभ नहीं हो पाए जिनका ख़ामियाज़ा नीमच जिले के प्रतिभाओं को स्थानीय स्तर पर लाभ नहीं मिल पा रहा है!
स्वीकृत योजनाओं का धरातल पर लंबे समय तक क्रियान्वयन नहीं होना खास कर शिक्षा के क्षेत्र की तो यह क्षेत्र के लिए शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है ! अधोसंरचनाओ की योजना का धरातल पर क्रियान्वयन के लिये ज़िम्मेदारीपूर्वक क्रियान्वयन कर लाभ दिलाने की सम्पूर्ण दायित्व और कर्तव्य जिले के स्थानीय जन प्रतिनिधियों का होता है *जिले के एक मात्र पी एम कालेज ऑफ़ एक्सीलेंसी * का धरातल पर सम्पूर्ण लाभ नहीं मिल पाया तो निश्चित इसके लिए जिम्मेदार हमारे जिले के जन प्रतिनिधि है !
डाक्टर जाजू ने कहा कि यह सर्वविदित हैं कि केंद्र या राज्यसरकार विकास की योजना दो तरह से बनाती हैं एक संपूर्ण प्रदेश के लिये दूसरी क्षेत्र विशेष के लिये ! मूलभूत अशोसरंचनाओं की योजनाये प्रदेश के सभी क्षेत्रों के लिये बनाई जाती हैं और एक साथ उन योजनाओं को लाँच किया जाता हैं ! बजट में भी उन योजनाओं के धन योजना के नाम पर आवंटित किया जाता हैं ! 
योजना लाँच होने के बाद उसके क्रियान्वयन की ज़िम्मेदारी स्थानीय ज़िम्मेदार लोगो की होती हैं कि वे योजना पर सतत निगरानी रखते हुए योजना में दिये गये प्रावधानो का लाभ सुनिश्चित करे !
दुर्भाग्य हैं कि हमारे क्षेत्र में कई योजनाये स्वीकृत हुए वर्षों हो गई आधा अधूरा काम भी योजना का हुआ उनका लोकार्पण भी कर दिया गया लेकिन उन योजनाओं का लाभ क्षेत्र के लोगो को नहीं मिला कुछ मिला भी तो वो अपूर्ण हैं ! जिसके प्रमुख उदाहरण तो ये हैं जो सीधे नीमच के आम लोगो से और आर्थिक क्षेत्र से जुड़े हैं —
— सीएम राइज स्कूल 
-श्री सीताराम जाजू स्नातकोत्तर महाविद्यालय का स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स 
—ट्रामा सेंटर 
— नीमच की चेंगेरा स्थित कृषि मंडी 
— केंद्र और राज्य की पेयजल की योजनायें 
— अमृतभारत रेल्वे स्टेशन योजना
— नीमच का जंक्शन बनाना
—नीमच का इंडोर स्टेडियम 
—बघाना रेलवे ओवर ब्रिज 
इत्यादि 
डाक्टर जाजू ने उम्मीद की है कि हमारे क्षेत्र के जिम्मेदार जन प्रतिनिधि जागृत होंगे और अपना दायित्व निभाएँगे !

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