पूर्व विधायक डॉ. जाजू ने फिर जाहिर की नीमच जिले के परिवहन भविष्य को लेकर गंभीर चिंता

पूर्व विधायक डॉ. संपत स्वरूप जाजू ने एक बार फिर नीमच जिले के परिवहन भविष्य को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के संदर्भ में कहा कि –
> “जो जागत है सो पावत है, जो सोवत है वो खोवत हैं।”
डॉ. जाजू के अनुसार, उज्जैन संभाग में नीमच जिला इस योजना के लिए सबसे अधिक पात्र है। न सिर्फ भौगोलिक दृष्टिकोण से, बल्कि पूर्व में स्थापित अधोसंरचना के चलते भी।

उन्होंने बताया कि वर्षों पहले कांग्रेस शासन में जब नीमच मध्यप्रदेश का पहला सब-डिविजनल मुख्यालय बना, तब यहाँ राज्य परिवहन निगम का बस डिपो और बस स्टैंड स्थापित किया गया था।
भोपाल राजधानी को जोड़ने वाली पहली राजधानी बस सेवा की शुरुआत भी यहीं से हुई थी।

नीमच की बस सेवाएं राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे अन्य राज्यों से भी जुड़ी रही हैं। ऐसे में सुगम परिवहन सेवा योजना में जिले को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

डॉ. जाजू ने मीडिया के माध्यम से यह सवाल भी उठाया कि –
क्या हमारे जनप्रतिनिधियों ने इस योजना को धरातल पर लाने के लिए पर्याप्त प्रयास किए हैं?

उनका यह बयान जिले में फिर से परिवहन सेवाओं को लेकर बहस को तेज कर सकता है।

📢 “नीमच को सुगम परिवहन सेवा में प्राथमिकता क्यों नहीं?”
🚍 पूर्व विधायक डॉ. संपत स्वरूप जाजू ने उठाए सवाल
📍 नीमच – प्रदेश का पहला सबडिविजन, जहाँ से शुरू हुई थी राजधानी बस सेवा
🗣️ “जो जागत है, सो पावत है – नीमच को अब जागना

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